22 फ़रवरी 2015

whatsapp पर गूंज समुह

मुझे बताते हुए हर्ष हो रहा है कि अब whatsapp के माध्यम से भी   आप अपनी रचनाएं एक दूसरे तक पहुंचा पाएंगे। इस नये समुह का नाम है गूंज। मेरा मानना है कि कविता पड़ने से अधिक सुनने में अच्छी लगती है। इस समुह पर आप अपनी आवाज में अपनी कविता पेश कर सकेंगे।
आज ही आप अपना नंबर kuldeepsingpinku@gmail.com या 09418485128 या 09459385128  पर दर्ज  करवा सकते हैं।

6 फ़रवरी 2015

कुछ कहती है बुँदे --सुषमा "आहुति"


मुझ को भिगोती है बुँदे......        
तुम्हारा प्यार बन कर......
मुझे छूती बुँदे.....
तुम्हारा एहसास बन कर....
कुछ कहती है बुँदे.....
तुम्हारी आवाज़ बन कर.....
मुझ पर ठहरती है बुँदे....
तुम्हारी नजर बन कर.....
मुझे थामती है ये बुँदे....
तुम्हारी बाहें बन कर....
मेरे होटों पर बिखर जाती है बुँदे....
तुम्हारी कविता बन कर....
हर कोई अनजान है इनसे.....
मेरे आंसुओं में घुल जाती है बुँदे.....
बहुत रुलाती है बुँदे......
तुम्हारी याद बन कर.....

लेखक परिचय - सुषमा "आहुति"