Pages

27 जनवरी 2015

विशाल पीपल की छाँव -- अर्चना तिवारी


विशाल पीपल की छाँव
देती है सबको ठाँव
खड़ा रहता है धूप में
सदा अटल रूप में
सदा रहती है जीवन की लहर
कोमल पत्तियों में ठहर
रहती है शाखों पे उमंग
हवाओं से पाकर तरंग
देती है जीवन की आशा
दूर करके सबकी निराशा
पाते हैं नीचे इसके
ज्ञान ध्यान अंतर्मन

लेखक परिचय - अर्चना तिवारी


1 टिप्पणी:

स्वागत है आप का इस ब्लौग पर, ये रचना कैसी लगी? टिप्पणी द्वारा अवगत कराएं...