| खुदा कसम अगर वो बेनकाब हो जाये |
| बरसो पुराना सच मेरा ख्वाब हो जाये |
| एक बार जो छू ले वो बहते दरिया का पानी |
| तो सारे के सारे समंदर भी शराब हो जाये |
| इनायत उनकी निगाहों की जो हो मुझ पर |
| मेरे सारे सवाल खुद ही जबाब हो जाये |
| वो ठंडी आह ही भरें जो किसी की खातिर |
| तो दिलजला आफताब भी महताब हो जाये |
| मेरी दीवानगी की हद्द बस तेरी झलक तक है |
| पर वो झलक एक बार लाजबाब हो जाये |
| नहीं तुझे हासिल करना है हितेश का मक़सद |
| तेरी यादें ही मेरी जिंदगी की किताब हो जाये |
कविता मंच प्रत्येक कवि अथवा नयी पुरानी कविता का स्वागत करता है . इस ब्लॉग का उदेश्य नये कवियों को प्रोत्साहन व अच्छी कविताओं का संग्रहण करना है. यह सामूहिक
ब्लॉग है . पर, कविता उसके रचनाकार के नाम के साथ ही प्रकाशित होनी चाहिये. इस मंच का रचनाकार बनने के लिये नीचे दिये संपर्क प्रारूप का प्रयोग करें,
Pages
▼
अति सुंदर.
जवाब देंहटाएंआपकी लिखी रचना "पांच लिंकों का आनन्द में" गुरुवार 21 अप्रैल 2016 को लिंक की जाएगी............... http://halchalwith5links.blogspot.in पर आप भी आइएगा ....धन्यवाद!
जवाब देंहटाएंaapka bahut bahut dhanywaad
जवाब देंहटाएंसुन्दर प्रस्तुति
जवाब देंहटाएं