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2 मई 2015

कृष्ण देखें आज किसके पक्ष है - दिगंबर नासवा

लाल रंग से रंगा हर कक्ष है
एक सत्ता दूसरा विपक्ष है

न्याय की कुर्सी पे है बैठा हुवा
शक्ति उसके हाथ में प्रत्यक्ष है

चापलूसी भी तो आनी चाहिए
क्या हुवा जो कार्य में वो दक्ष है

आज सब कैदी रिहा हो जायेंगे
छल कपट ही आज का अध्यक्ष है

आज भी शकुनी का पक्ष है भारी
गया द्वापर प्रश्न फिर भी यक्ष है

धर्म के बदले हुवे हैं मायने
कृष्ण देखें आज किसके पक्ष है !!

लेखक परिचय - दिगंबर नासवा 

9 टिप्‍पणियां:

  1. धर्म के बदले हुवे हैं मायने
    कृष्ण देखें आज किसके पक्ष है !!
    बहुत सुन्दर !

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  2. आपकी इस प्रविष्टि् के लिंक की चर्चा कल रविवार (03-05-2015) को "कौन सा और किस का दिवस" (चर्चा अंक-1964) पर भी होगी।
    --
    सूचना देने का उद्देश्य है कि यदि किसी रचनाकार की प्रविष्टि का लिंक किसी स्थान पर लगाया जाये तो उसकी सूचना देना व्यवस्थापक का नैतिक कर्तव्य होता है।
    --
    हार्दिक शुभकामनाओं के साथ।
    सादर...!
    डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक
    ---------------

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  3. वाह ! नासवा जी की इतनी सार्थक सशक्त रचना पढ़वाने के लिये धन्यवाद संजय जी ! वाकई
    'गया द्वापर प्रश्न फिर भी यक्ष है' ! हमें भी प्रतीक्षा है जानने की कि,
    'कृष्ण देखें आज किसके पक्ष है' !

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  4. आभार संजय जी इस मंच पे मेरी रचना प्रकाशित करने का ...
    आप सभी का भी आभार इसको पसंद करने का ...

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  5. सुन्दर व सार्थक प्रस्तुति..
    शुभकामनाएँ।
    मेरे ब्लॉग पर आपका स्वागत है।

    उत्तर देंहटाएं
  6. सुन्दर व सार्थक प्रस्तुति..
    शुभकामनाएँ।
    मेरे ब्लॉग पर भी पधारें

    उत्तर देंहटाएं

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