18 मई 2017

तेवरी




|| तेवरी ||
बदगुमाँ पहले न था ऐसे ज़ेहन कश्मीर का |
नफरतों से भर रहा तू पाक मन कश्मीर का |

फिर किया घायल इसे तेरी सियासी चाल ने
पड़ रहा हमको सुनायी फिर रुदन कश्मीर का |

जो उठाये आँख इस पर फोड़ दें हम आँख वो
हमसे रक्षा का जुड़ा है हर वचन कश्मीर का |
+रमेशराज
 

1 टिप्पणी:

  1. बहुत ही अच्छा आर्टिकल है इअसे ही आर्टिकल पब्लिश करते रहें

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