ब्लौग सेतु....

19 जनवरी 2018

अन्याय के विरुद्ध / पूनम तुषामड़

शहर में कोई हिन्दू मरा
मैं इसके खिलाफ हूं
कोई मुस्लिम
दंगों का शिकार हुआ
मैं उसके खिलाफ हूं
किसी सिक्ख के धर्म का अपमान हुआ
मैं उसके भी खिलाफ हूं
किसी ईसाई को अपने ही देश में
विदेशी कह कर मारा जाए
मैं इसके भी खिलाफ हूं

मैं लडूंगी
हर धर्म हर सम्प्रदाय
में होने वाली हर ज्यादती के खि़लाफ
परन्तु
क्यों नहीं आता कोई हिन्दू मुस्लिम सिक्ख ईसाई
मेरे साथ
उस अन्याय के विरुद्ध
जो कभी खैरलांजी
झज्जर दुलीना और गोहाना
का कहर बन
बरस जाता है
मेरे समाज पर
क्या कोई देगा साथ
मेरे हकों की लड़ाई में
उनके लिए जो
बार-बार अनेकों बार
बहलाए गए फुसलाए गये
और धकेल दिए गये हाशिए पर
धर्म और जाति के दोज़ख़ में
कभी दलित सिक्ख और दलित ईसाई बनाकर...?

4 टिप्‍पणियां:

  1. आपकी इस प्रविष्टि् के लिंक की चर्चा कल शनिवार (20-01-2018) को "आगे बढिए और जिम्मेदारी महसूस कीजिये" (चर्चा अंक-2854) पर भी होगी।
    --
    चर्चा मंच पर पूरी पोस्ट नहीं दी जाती है बल्कि आपकी पोस्ट का लिंक या लिंक के साथ पोस्ट का महत्वपूर्ण अंश दिया जाता है।
    जिससे कि पाठक उत्सुकता के साथ आपके ब्लॉग पर आपकी पूरी पोस्ट पढ़ने के लिए जाये।
    --
    हार्दिक शुभकामनाओं के साथ।
    सादर...!
    --
    डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक'

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  2. आपकी लिखी रचना आज "पांच लिंकों का आनन्द में" रविवार 21 जनवरी 2018 को साझा की गई है.................. http://halchalwith5links.blogspot.in/ पर आप भी आइएगा....धन्यवाद!

    उत्तर देंहटाएं
  3. परन्तु
    क्यों नहीं आता कोई हिन्दू मुस्लिम सिक्ख ईसाई
    मेरे साथ
    उस अन्याय के विरुद्ध
    जो कभी खैरलांजी
    झज्जर दुलीना और गोहाना
    का कहर बन
    वाह!!!
    बहुत सुन्दर....

    उत्तर देंहटाएं

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