दर्द सहकर
मुस्कराती है
बहते हैं आंसू
जब मां के
बच्चों से छिपाती है
कड़ी धूप में
खुद नंगे सिर हो
तो कोई बात नहीं
दामन से अपने
लाल को ढंककर
झुलसने से बचाती है......!!
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